tag:blogger.com,1999:blog-948725304205485453.post5430285710186021193..comments2007-07-13T00:25:50.100+05:30Comments on INKLING: फिर कुछ कहना हैSanjay Sinhahttp://www.blogger.com/profile/11189177404352730088noreply@blogger.comBlogger9125tag:blogger.com,1999:blog-948725304205485453.post-88693708802830827482007-07-13T00:25:00.000+05:302007-07-13T00:25:00.000+05:30आपने तो रुला ही दिया।आपने तो रुला ही दिया।Debashishhttp://www.blogger.com/profile/05581506338446555105noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-948725304205485453.post-63344183683937431572007-04-01T16:01:00.000+05:302007-04-01T16:01:00.000+05:30जीवन के सत्य को समेटे दिल को छू लेने वाला संस्मरण।...जीवन के सत्य को समेटे दिल को छू लेने वाला संस्मरण। <BR/><BR/>कुछ ऐसी ही घटना एक बार मेरे साथ भी हुई। हरिद्वार से सहारनपुर आते हुए बस में एक इस्कॉन का संन्यासी मिला। बातें शुरु हुई श्रीकृष्ण, श्रील प्रभुपाद, इस्कॉन से लेकर धर्म-अध्यात्म तक। मुझे वह पहुँचा हुआ साधक लगा। <BR/><BR/>उसने बताया कि वह एक गायक है और कैसेट आदि भी निकालता है। उसने मुझे एक घटना भी बतायी कि कोई व्यक्ति भक्त बनकर उससे हजारों रुपए ठग ले गया। अब मुझे हैरानी हुई कि इतना ज्ञानी व्यक्ति भी पैसों के फेर में दुखी हो सकता है।<BR/><BR/>अतः आपकी खुशी संबंधी बाते अक्षरशः सच हैं।Shrishhttp://www.blogger.com/profile/15264688244278112743noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-948725304205485453.post-70390579525738206992007-03-30T06:35:00.000+05:302007-03-30T06:35:00.000+05:30मुझे आपनी मां की याद आयी। उनकी खास बात थी कि वे छो...मुझे आपनी मां की याद आयी। उनकी खास बात थी कि वे छोटी छोटी सी बात के लिये उत्साहित रहती थीं, उसी में खुशी ढ़ूढ़ती थीं। अकसर कहती थीं कि लोग बड़ी बात से खुशी के इंतजार में जिंदगी बिता देते हैं खुशी तो हर छोटी छोटी बातों में है।उन्मुक्तhttp://www.blogger.com/profile/13491328318886369401noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-948725304205485453.post-64178074502504043042007-03-29T11:18:00.000+05:302007-03-29T11:18:00.000+05:30खुशी एक व्यक्तिगत फैसला है। हर गुजरते पल के साथ आग...खुशी एक व्यक्तिगत फैसला है। हर गुजरते पल के साथ आगे बढ़ने की आशा होती है। इस आशा को वास्तविकता का धरातल विरले ही मिलता है। और मनुष्य फिर दुखी हो जाता है।<BR/>एक कविता जो याद आ गई....<BR/><BR/><BR/>जीवन <BR/><BR/>काश जीवन एक रेखा होती<BR/>एक बिन्दू से दूसरे बिन्दू तक<BR/>एक निश्चित दिशा होती<BR/>हर कदम कुछ आगे बड़ते<BR/>कुछ दूरी हर दिन तय होती<BR/><BR/>पर हर पल यहाँ...<BR/>एक नयी दिशा....<BR/>गोल घूमती दुनिया...<BR/>प्रदक्षिना...<BR/>और परीक्रमा...<BR/><BR/>लट्टू की तरह....<BR/>अपनी दुरी में घूम...<BR/>आगे कभी पीछे...<BR/>गोल कक्षा में झूम..<BR/>सुन्न...... सुस्त...स्तब्ध....<BR/><BR/><BR/>गती..<BR/>संगती....<BR/>स्नेह ...समृद्घी...<BR/>एक भ्रम....<BR/><BR/><BR/>मौसम…<BR/>पहर….<BR/>बनते....बिगड़ते....<BR/>गाम...शहर...<BR/>एक क्रम....<BR/><BR/><BR/>कहाँ.....???<BR/>..आदित्य.....<BR/>..चैतन्य.....<BR/>.....परम.....????<BR/><BR/><BR/><BR/>माँ की याद में माँ आज भी है...।Bejihttp://www.blogger.com/profile/16964389992273176028noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-948725304205485453.post-54376470797014808892007-03-28T19:58:00.000+05:302007-03-28T19:58:00.000+05:30दिल में उतर जाने वाला संस्मरण....पुरानी बातें इस त...दिल में उतर जाने वाला संस्मरण....<BR/><BR/>पुरानी बातें इस तरह याद आती हैं-तो दिल थोड़ा भावुक हो जाता है और शायद दुखी भी...<BR/><BR/>लेकिन,आपका मकसद तो खुशियों की सौगात देने का है... बहरहाल, फिर कहना चाहूंगा-संस्मरण बेहद खूबसूरती से लिखा है।<BR/>-पीयूषAnonymousnoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-948725304205485453.post-1611630507544532212007-03-28T16:16:00.000+05:302007-03-28T16:16:00.000+05:30बहुत अच्छी सी बात बहुत अच्छे तरीके से बताई। घुघूती...बहुत अच्छी सी बात बहुत अच्छे तरीके से बताई। <BR/>घुघूती बासूतीmiredmiragehttp://www.blogger.com/profile/06098260346298529829noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-948725304205485453.post-6259991639012114982007-03-28T16:08:00.000+05:302007-03-28T16:08:00.000+05:30आप बड़े दिनों के बाद आये पर आते ही आखें नम कर दी। म...आप बड़े दिनों के बाद आये पर आते ही आखें नम कर दी। माँजी बिल्कुल सही कहा करते थे, <BR/><B>जिस चीज तो दिल में नहीं रख सकते उसे मुट्ठी में पकड़ने का कोई फायदा नहीं, और हमेशा खुश रहना।</B><BR/><BR/>माँजी को उनकी पुण्य तिथी पर हार्दिक श्रद्धान्जली अर्पित करता हूँ। <BR/>nahar.wordpress.comSagar Chand Naharhttp://www.blogger.com/profile/13049124481931256980noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-948725304205485453.post-35005715096191665082007-03-28T15:40:00.000+05:302007-03-28T15:40:00.000+05:30sanjay jiaapne ek baar mujhe phir se sochane par v...sanjay ji<BR/><BR/>aapne ek baar mujhe phir se sochane par vivas kar diya hain..<BR/><BR/>ashish.maharishi@gmail.com<BR/>ashishmaharishi.blogspot.comAnonymousnoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-948725304205485453.post-19825788239162396022007-03-28T13:02:00.000+05:302007-03-28T13:02:00.000+05:30संजय जी,एक दिल छू लेने वाला संस्मरण !संजय जी,<BR/><BR/>एक दिल छू लेने वाला संस्मरण !आशीषhttp://hindigram.orgnoreply@blogger.com